शुक्रवार, 10 सितंबर 2010




ये है प्रवीना जी और उनकी बहन- मीनाक्षी और उनका स्कूल नाल में, बीकानेर से कुछ दूरी पर . प्रवीना जी की माँ ने यह स्कूल बनवाया ताकि उनकी लडकिया आत्मनिर्भर हो सके और गाव में शिक्षा का प्रसार भी हो सके. जब बीकानेर आना हुआ तो प्रवीना जी के मुहं से स्कूल की बात सुन कर मुझे यह जगह देखने की बहुत इच्छा हुई. जब गयी तो बदलते हिंदुस्तान की एक छबी मेरे सामने आयी. मै प्रवीना जी की माँ से जब मिली तो और मंत्र- मुग्ध हो गयी .पुराने ज़माने की होकर भी वो स्त्री शिक्षा जी जबरदस्त समर्थक है . उनोह ने अपनी चारो बेटियो को पढाया -लिखाया , सिर्फ शादी करके नहीं निपटाया.यही आज की नारी की सार्थकता है .

1 टिप्पणी:

rajiv ने कहा…

Srahneey. kash Prveena ji ki maa se doosari mahilayen bhi prerana le saken.